- बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता, एआई के बढ़ते असर और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में तेज उछाल के बीच एफएसडीसी ने मैक्रो-वित्तीय स्थिरता की समीक्षा की
- एफएसडीसी ने भारत की वित्तीय स्थिरता के लिए उभरते जोखिमों को कम करने के लिए कड़ी सतर्कता और पहले से अपनाने योग्य उपायों पर जोर दिया
- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री ने एफएसडीसी की अधिक बैठकें आयोजित करने का आग्रह किया
- एफएसडीसी ने घरेलू निवेश पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने, पूंजी प्रवाह को बढ़ाने और वित्तीय क्षेत्र के सुधारों को गहरा करने पर विचार-विमर्श किया
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में वित्तीय स्थिरता एवं विकास परिषद (एफएसडीसी) की 30वीं बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें एफएसडीसी के सदस्य भी उपस्थित थे।
एफएसडीसी की बैठक में अन्य बातों के साथ-साथ व्यापक वित्तीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों और उनसे निपटने के लिए भारत की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। वित्तीय क्षेत्र में नियामक सुधार और डिजिटल आधुनिकीकरण के महत्व को ध्यान में रखते हुए, एफएसडीसी ने फिनटेक क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहन देने और वित्तीय परिसंपत्तियों तथा अन्य वास्तविक परिसंपत्तियों के टोकनाइजेशन की संभावनाओं का पता लगाने के उपायों पर चर्चा की।
