राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान , कुंडली (एनआईएफटीईएम-के ) ने ' हैक द फोर्क ' का आयोजन किया। यह भारत का पहला ‘एआई × फूड टेक हैकाथॉन’ था। इसका मुख्य उद्देश्य वैकल्पिक प्रोटीन उद्योग की वास्तविक चुनौतियों को हल करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई ) का सदुपयोग करना था। 24 घंटे तक चले इस हैकाथॉन का उद्घाटन 24 अक्टूबर को ‘हैक द फोर्क’ की निदेशक सुश्री ऐलिस पीजी ने किया था। 25 अक्टूबर को संपन्न हुए इस कार्यक्रम में , भाग लेने वाली टीमों ने विशेषज्ञों की जूरी के सामने अपने नवीन समाधान प्रस्तुत किए।
फ्रांस स्थित गैर-लाभकारी पहल ‘हैक द फोर्क’ द्वारा एनआईएफटीईएम-के के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के लिए एआई - आधारित समाधान खोजने हेतु युवा नवोन्मेषकों , शोधकर्ताओं और तकनीक के उत्साही समर्थकों को एक साथ लाना था। शुरुआत में आवेदन करने वाली 85 से अधिक टीमों में से 25 टीमों को अंतिम दौर के लिए चुना गया। इनमें से 10 राज्यों की 22 टीमों ने , जिनमें 90 से अधिक प्रतिभागी शामिल थे , संस्थान में आयोजित नवाचार संबंधी इस गहन चुनौती में हिस्सा लिया। इन प्रतिभागियों का संबंध अलग-अलग क्षेत्रों और संस्थानों से था , जिनमें आईआईटी , आईआईआईटी और दिल्ली विश्वविद्यालय शामिल थे।
एनआईएफटीईएम-के के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय ने भारत के पहले ‘एआई × फूड टेक हैकाथॉन’ के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह आयोजन नए एवं रचनात्मक विचार सृजित करने तथा देश के खाद्य इकोसिस्टम को मजबूत करने में मददगार साबित होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल रचनात्मक सोच और अंतर्विषयक सहयोग को बढ़ावा देगी। साथ ही, खाद्य क्षेत्र की नई चुनौतियों से निपटने हेतु तकनीक पर आधारित समाधान तैयार करने में मदद करेगी। डॉ. ओबेरॉय ने भाग लेने वाली सभी टीमों को उनके उत्साह , रचनात्मकता और नवाचार के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी। उन्होंने युवा नवोन्मेषकों को इस अवसर का पूरा लाभ उठाने, नई संभावनाओं को ढूंढने और एक मजबूत, टिकाऊ तथा भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार खाद्य-प्रसंस्करण इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान दे सकने वाले व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
