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राजस्थान: परिवर्तन स्कीम से एनसीआर में सुधरेगी वायु गुणवत्ता, मिलेंगे कई लाभ

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मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को शासन सचिवालय में परिवर्तन स्कीम और एनसीआर जिलों में वायु गुणवत्ता की समीक्षा की।

परिवर्तन स्कीम से एन सी आर में स्वच्छ वायु और सुरक्षित परिवहन को मिल रही मजबूती
— सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में परिवर्तन स्कीम और एनसीआर क्षेत्र के जिलों में वायु गुणवत्ता से जुड़े विषयों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एनसीआर क्षेत्र समेत पूरे राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मुख्य सचिव ने अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और भरतपुर-डीग के जिला कलेक्टरों से वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई को लेकर विस्तृत फीडबैक लिया। उन्होंने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के सभी निर्देशों की जमीनी स्तर पर सख्त पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रदूषण पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

वाहन स्वामियों को मिलने वाली छूट और लाभ

परिवर्तन स्कीम के तहत एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत बीएस-4 या उससे पुराने ट्रक और बस स्वामियों को अधिकृत स्क्रैपिंग सुविधा में वाहन स्क्रैप कराने या उसे एनसीआर से बाहर बेचने पर नया वाहन खरीदने पर कई राहत दी जा रही हैं। राज्य सरकार की ओर से नए वाहन पर 10 साल तक मोटर वाहन कर और पंजीकरण शुल्क में शत-प्रतिशत छूट का प्रावधान है। इसके अलावा एक साल से अधिक की लंबित देनदारियों को माफ किया जाएगा और पुराना वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत छूट मिलेगी।

  • वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान और निर्माता कंपनियों द्वारा एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत की छूट।
  • नया डीजल या सीएनजी वाहन खरीदने पर हल्के वाहनों के लिए ₹1,200, मध्यम वाहनों के लिए ₹2,500 और भारी वाहनों के लिए ₹4,800 प्रतिमाह ईंधन वाउचर।
  • इलेक्ट्रिक वाहन चुनने पर हल्के वाहन के लिए ₹64,000, मध्यम वाहन के लिए ₹1,28,000 और भारी वाहन के लिए ₹2,56,000 की एकमुश्त आर्थिक सहायता।

नियमों की सख्ती से पालना के निर्देश

बैठक में 'नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, नो फ्यूल' नियम का सख्ती से क्रियान्वयन करने के निर्देश दिए गए ताकि बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र के किसी वाहन को ईंधन न मिले। साथ ही दिल्ली-एनसीआर के जिलों में ग्रेप-2 के नियमों को पूरी गंभीरता से लागू करने को कहा गया है।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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