- हर व्यक्ति की समस्या का करें समाधान,
- जन सुनवाई को बनाएं प्रभावी माध्यम
- अधिकारी जनसेवा के उत्तरदायित्व को पूर्ण जिम्मेदारी से निभाएं
- राजस्थान का युवा ऊर्जावान और प्रतिभाशाली,
- इनकी क्षमताओं के विकास के लिए निरंतर कार्य जारी
- आमजन का विश्वास अर्जित करना ही प्रशासनिक सफलता का
- वास्तविक पैमाना
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
- विभिन्न राज्य सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से साझा किए अनुभव
- लगातार आरएएस भर्ती परीक्षा के आयोजन के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार, एक ही वर्ष में 2 बैच के प्रशिक्षण को बताया सराहनीय
जयपुर, 29 अक्टूबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में वास्तविक सफलता आम नागरिक के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव से तय होती है। हमेशा आमजन की जरूरतों और समस्याओं को ध्यान में रखकर प्रशासन द्वारा प्रत्येक निर्णय लिया जाना चाहिए। अधिकारी अपने पद को अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि जनसेवा के उत्तरदायित्व के रूप में समझें। उन्होंने कहा कि वे अपने संघर्ष और अतीत को याद रखें एवं इससे प्रेरणा लेकर आमजन के हित में कार्य करें तथा अपने उद्देश्य की दिशा कभी न बदलें, क्योंकि जीवन की असली परीक्षा तो जिम्मेदारी के पद पर बैठने के बाद शुरू होगी।
मुख्यमंत्री गुरुवार को एचसीएम रीपा (ओटीएस) के बी एस मेहता सभागार में राज्य सेवाओं के प्रशिक्षु अधिकारियों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि युवाओं के सपने और भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हर वर्ष आरएएस भर्ती परीक्षा आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षु अधिकारी हर व्यक्ति और पूरे राजस्थान को अपना परिवार समझें तथा पूर्ण संवेदना के साथ आमजन से जुड़कर उनकी समस्या का समाधान करें।
