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मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने निदेशालय आईसीडीएस की योजनाओं की समीक्षा की

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ईसीसीई में नवाचारों की सराहना, कुपोषण में कमी एवं आंगनबाड़ी केंद्रों पर गुणवत्तापूर्ण सेवाओं में संवर्धन के निर्देश

मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने निदेशालय आईसीडीएस की योजनाओं की समीक्षा की
— सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

जयपुर, 26 अक्टूबर। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में सोमवार को शासन सचिवालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।

बैठक में विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम एवं निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) श्री वासुदेव मालावत, वित्तीय सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य सचिव ने विभाग द्वारा शाला पूर्व देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) में किए जा रहे नवाचारों की सराहना की और उन्हें निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर एनईपी आधारित आधारशिला पाठ्यक्रम को और अधिक प्रभावी करने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि आधारशिला के माध्यम से खेल, गतिविधियों एवं अन्वेषण आधारित शिक्षण पद्धति से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

मुख्य सचिव द्वारा सराहे गए प्रमुख नवाचार एवं सकारात्मक उपलब्धियां:

1. 98.5% आंगनबाड़ी केंद्रों का विद्यालयों से सह-स्थापन—

प्रदेश में 98.5% आंगनबाड़ी केंद्रों (61,483 केंद्रों) को विद्यालयों के साथ सह-स्थित एवं मैप किया जा चुका है, जिससे बच्चों का प्राथमिक विद्यालय में सहज प्रवेश सुनिश्चित हो रहा है।

2. 1,000 चैंपियन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का क्षमता वर्धन—

विभाग द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली 1,000 उच्च प्रदर्शन करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चयन चैंपियन के रूप में किया गया है। इसके लिए 90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ये चैंपियन अपने ग्राम पंचायत की 3-4 आंगनबाड़ियों को मेंटर करेंगी।

3. प्रवेशोत्सव से 2.47 लाख बच्चों का नामांकन प्रोत्साहन—

प्रवेशोत्सव के तहत 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 2.47 लाख से अधिक बच्चों ने निकटवर्ती विद्यालयों का भ्रमण किया, जिससे नामांकन को बढ़ावा मिला है। साथ ही अभिभावक बैठकों के माध्यम से अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाई जा रही है।

4. पोषण ट्रैकर से सघन निगरानी—

पोषण ट्रैकर के माध्यम से महिलाओं एवं बच्चों की पोषण स्थिति की नियमित एवं वास्तविक निगरानी की जा रही है।

मुख्य सचिव के महत्वपूर्ण निर्देश—

- बाल स्वास्थ्य एवं पोषण के निर्धारित मानकों पर अपेक्षाकृत पीछे रहने वाले जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

- योजनाओं की वास्तविक स्थिति के आकलन के लिए नियमित क्षेत्रीय भ्रमण एवं औचक निरीक्षण किया जाए।

- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बेहतर कार्य के लिए आवश्यक दक्षता एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए।

- प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर विद्युत, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा एवं बेहतर पोषण सेवाओं के माध्यम से बच्चों के स्वस्थ एवं सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जाए।

अमनदीप/रवीन्द्र

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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