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मंदिरों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को दें प्राथमिकता — मुख्य सचिव

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राज्य के प्रमुख मंदिरों में होंगे लाइव दर्शन

मंदिरों के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को दें प्राथमिकता — मुख्य सचिव
— सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान

जयपुर , 30 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने मंदिरों की जमीन का योजनाबद्ध विकास करने तथा तीर्थयात्रियों , विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों की सुविधाओं और देखभाल को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

श्री श्रीनिवास शुक्रवार को शासन सचिवालय में देवस्थान विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने राज्य के मंदिरों की भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इसके लिए राजस्व , गृह और देवस्थान विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने को कहा।

मुख्य सचिव ने राज्य के प्रमुख मंदिरों में लाइव दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने और वहां की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला कलेक्टरों के माध्यम से नए मंदिरों की सूची तैयार की जाएगी।

श्री श्रीनिवास ने ट्रस्टों का पंजीकरण प्राथमिकता से करने , पुजारियों के खाली पद भरने और पुजारी संवर्ग की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दान राशि के प्रबंधन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि विभागीय कामकाज में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।

देवस्थान विभाग की शासन सचिव श्रीमती शुचि त्यागी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026–27 में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत अब तक 22,265 यात्रियों को तीर्थयात्रा कराई गई है। इनमें 21 रेलगाड़ियों से 20,591 यात्रियों को विभिन्न तीर्थ स्थलों की यात्रा और 1,674 यात्रियों को हवाई मार्ग से पशुपतिनाथ के दर्शन कराए गए हैं।

देवस्थान आयुक्त सुश्री प्रज्ञा केवलरमानी ने बताया कि विभाग 936 राजकीय मंदिरों का प्रबंधन करता है और विभाग में 14,447 ट्रस्ट पंजीकृत हैं। उन्होंने ट्रस्टों के पंजीकरण और उनके रिकॉर्ड में बदलाव की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की योजना की भी जानकारी दी।

बैठक में देवस्थान विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

ईशा/मोहन

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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