Skip to content
BREAKING

संस्कृति मंत्रालय ने विरासत डिजिटलीकरण के लिए 'गूगल आर्ट्स एंड कल्चर' से मिलाया हाथ

Updated:

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने अत्याधुनिक डिजिटल उपकरणों के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए 'गूगल आर्ट्स एंड कल्चर' के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

संस्कृति मंत्रालय ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का डिजिटलीकरण करने एवं उसे साझा करने के लिए 'गूगल आर्ट्स एंड कल्चर' के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भारत की सांस्कृतिक विरासत का डिजिटलीकरण करने और उसे साझा करने के लिए 'गूगल आर्ट्स एंड कल्चर' के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता एक वर्चुअल समारोह में संपन्न हुआ, जिसमें संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल और 'गूगल आर्ट्स एंड कल्चर' के उपाध्यक्ष एवं संस्थापक अमित सूद मौजूद रहे।

इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य आधुनिक डिजिटल उपकरणों के जरिए देश की सांस्कृतिक धरोहर को आम जनता तक सुलभ बनाना है। इसके तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षित स्मारक, पुरातात्विक स्थल, राष्ट्रीय संग्रहालयों की संपत्तियां, ज्ञान भारतम के तहत दस्तावेजीकृत पांडुलिपियां और विभिन्न संस्थाओं के शिल्प व प्रदर्शन कलाओं को डिजिटल रूप में सहेजा जाएगा।

युगे युगीन भारत संग्रहालय होगा केंद्र में

इस समझौते के केंद्र में नई दिल्ली के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में विकसित हो रहा 'युगे युगीन भारत संग्रहालय' है। इसका डिजिटलीकरण इन ऐतिहासिक इमारतों और इनमें रखी कलाकृतियों का एक स्थायी रिकॉर्ड तैयार करेगा। मंत्रालय के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य भारत की विरासत को भारतीय भाषाओं में और किसी भी उपकरण पर आसानी से उपलब्ध कराना है।

संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने कहा कि तकनीक के माध्यम से इस विरासत का दस्तावेजीकरण करने और इसे दुनिया भर के लोगों के लिए उपलब्ध कराने से अधिक लोग भारतीय सभ्यता की कहानी के करीब आ सकेंगे। वहीं, 'गूगल आर्ट्स एंड कल्चर' के उपाध्यक्ष अमित सूद ने कहा कि यह साझेदारी प्राचीन विरासत को आधुनिक पहुंच से जोड़ने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

Share

Comments

0 / 1200

Comments close 30 days after publication.

Related News