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देवियों की आराधना से मिलती है शक्ति, संस्कार और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा- श्री देवनानी

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विधानसभा अध्यक्ष ने नवमी पर अजमेर शहर एवं आसपास स्थित नौ देवी मंदिरों में किए दर्शन-पूजन

देवियों की आराधना से मिलती है शक्ति, संस्कार और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा- श्री देवनानी
— सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान
  • विधानसभा अध्यक्ष ने नवमी पर अजमेर शहर एवं आसपास स्थित नौ देवी मंदिरों में किए दर्शन-पूजन
  • प्रदेश एवं शहरवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की

जयपुर, 19 अक्टूबर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर नवमी के दिन विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने सोमवार को अजमेर शहर एवं आसपास स्थित नौ देवी मंदिरों में दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दुर्गा से प्रदेश एवं शहरवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की। इस अवसर पर उन्होंने देश के युवाओं में सृजनात्मक शक्ति का विकास होने, उन्हें अराजकता से दूर रहकर राष्ट्र की उन्नति एवं समृद्धि में योगदान देने की प्रेरणा मिलने तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति सम्मान की भावना निरंतर सुदृढ़ होने की कामना की।

विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने वरुण सागर रोड स्थित चामुंडा माता मंदिर, पुष्कर रोड स्थित नौसर माता मंदिर, भक्ति धाम स्थित माताजी मंदिर, नगीना बाग स्थित जत्तोई दरबार, बजरंगगढ़ स्थित अंबे माता मंदिर, चांद बावड़ी स्थित काली माता मंदिर, रामगंज स्थित काली माता मंदिर, आनासागर पुलिस चौकी के सामने स्थित चामुंडा माताजी मंदिर तथा वरुण सागर रोड स्थित काली माता मंदिर में दर्शन किए। उन्होंने सभी मंदिरों में पूजा-अर्चना कर मां के चरणों में शीश नवाया तथा जनकल्याण की प्रार्थना की।

श्री देवनानी ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में नवरात्रि का विशेष महत्व है। यह पर्व शक्ति, अध्यात्म, श्रद्धा और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के माध्यम से श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मकता और आत्मबल प्राप्त करने की प्रेरणा लेते हैं। देवी के प्रत्येक स्वरूप में जीवन को नई दिशा देने तथा समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को मजबूत करने का संदेश निहित है।

उन्होंने कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूप हमें साहस, संयम, ज्ञान, करुणा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा जैसे गुणों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देते हैं। प्रत्येक सनातनी को मां के इन स्वरूपों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उन्नति के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।

श्री देवनानी ने कहा कि युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। शक्ति स्वरूपा मां का आशीर्वाद सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करे तथा प्रदेश निरंतर प्रगति, शांति और समृद्धि के पथ पर अग्रसर रहे।

भानुप्रताप/रवीन्द्र

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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