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पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 के अंतर्गत स्वच्छता अभियानों को सुदृढ़ किया और सुशासन को बढ़ावा दिया

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पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा इसके संगठन विशेष अभियान 6 को सक्रिय रूप से कार्यान्वित कर रहे हैं और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं। यह अभियान भारत सरकार के स्वच्छता, डिजिटल परिवर्तन और सुशासन के दृष्टिकोण के अनुरूप, ई-कचरे और कबाड़ के

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 के अंतर्गत स्वच्छता अभियानों को सुदृढ़ किया और सुशासन को बढ़ावा दिया
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय तथा इसके संगठन विशेष अभियान 6 को सक्रिय रूप से कार्यान्वित कर रहे हैं और निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहे हैं। यह अभियान भारत सरकार के स्वच्छता, डिजिटल परिवर्तन और सुशासन के दृष्टिकोण के अनुरूप, ई-कचरे और कबाड़ के निपटान, अभिलेखों के प्रभावी प्रबंधन, स्थान के इष्टतम उपयोग तथा शिकायतों के शीघ्र निवारण सहित प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है।

अभियान के अंतर्गत, स्वच्छता संबंधी 173 अभियान चलाए गए हैं। इनमें 33,199 भौतिक और ई-फाइलों की समीक्षा की गई है, जिनमें से 9,808 फाइलों को हटा दिया गया है। कबाड़/ई-कचरे के निपटान से 9.79 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है और 88,171 वर्ग फुट स्थान खाली कराया गया है, जिससे कार्यालय के स्थान प्रबंधन में सुधार हुआ है तथा पर्यावरण के अनुकूल कार्यस्थल और आसपास के क्षेत्रों को बढ़ावा मिला है।

विशेष अभियान 6 के अंतर्गत अपनाई गई उल्लेखनीय सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों में से एक कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट (एसएमपीके) द्वारा अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) के सहयोग से कुमारटुलि घाट का कायाकल्प करना है। इस पहल का उद्देश्य लंबे समय तक उपेक्षित रहने के कारण जर्जर स्थिति में पहुंच चुके घाट को एक समावेशी, स्वच्छ और टिकाऊ सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करना है। यह पहल सार्वजनिक स्थलों के पुनरुद्धार और सामुदायिक कल्याण पर अभियान के जोर को दर्शाती है।

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वच्छता संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है। उन्होंने स्वच्छता अभियानों, कार्यालय परिसरों के सौंदर्यीकरण और आसपास के क्षेत्रों में सुधार के कार्यों में प्रत्यक्ष भागीदारी के माध्यम से उदाहरण प्रस्तुत किया है। अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी ने मंत्रालय तथा उसके संगठनों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने के लिए स्वच्छता, कार्यस्थल पर अनुशासन और सामूहिक दायित्व के महत्व को और सुदृढ़ किया है।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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