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संसद का मॉनसून सत्र कल से, किरेन रिजिजू ने सभी दलों से सदन सुचारु रूप से चलाने की अपील की

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"हंगामे से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता- संसदीय कार्य मंत्री नई दिल्ली,एनएसआई मीडिया । संसद का मॉनसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री…

"हंगामे से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता- संसदीय कार्य मंत्री

नई दिल्ली,एनएसआई मीडिया । संसद का मॉनसून सत्र सोमवार, 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। सत्र शुरू होने से एक दिन पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संसद चर्चा और संवाद का सबसे बड़ा मंच है, इसलिए सभी दलों को जनहित के मुद्दों पर सार्थक बहस करनी चाहिए।

रिजिजू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि "हंगामे से किसी को राजनीतिक लाभ नहीं मिलता।" उन्होंने विपक्ष से आग्रह किया कि यदि किसी मुद्दे पर सरकार से सवाल पूछने हैं या चर्चा करनी है, तो उसका उचित मंच संसद है। व्यवधान और नारेबाजी से जनता की अपेक्षाओं को पूरा नहीं किया जा सकता।

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सरकार सभी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विपक्ष के हर रचनात्मक सुझाव और मुद्दे पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उनका कहना था कि संसद की गरिमा बनाए रखना सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि देश की जनता अपने जनप्रतिनिधियों को संसद में अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं रखने के लिए चुनकर भेजती है। ऐसे में यदि सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती है, तो महत्वपूर्ण विधेयकों, नीतियों और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा प्रभावित होती है, जिसका सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ता है।

वहीं, विपक्षी दलों ने संकेत दिए हैं कि वे मॉनसून सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे, कानून-व्यवस्था, विदेश नीति, विभिन्न राज्यों से जुड़े मामलों और अन्य समसामयिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। ऐसे में इस बार का मॉनसून सत्र काफी हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है।

सरकार की ओर से उम्मीद जताई गई है कि 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में सभी राजनीतिक दल सकारात्मक भूमिका निभाएंगे और संसद को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करेंगे, ताकि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रभावी चर्चा हो सके और आवश्यक विधायी कार्य समय पर पूरे किए जा सकें।

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