गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड (जीएफसीबी) की 19वीं बैठक 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री राम नाथ ठाकुर, नीति आयोग के सदस्य प्रो. के. वी. राजू, बिहार के उपमुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, गंगा बेसिन राज्यों के प्रतिनिधि, केंद्र एवं राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गंगा बाढ़ नियंत्रण बोर्ड का गठन केंद्र सरकार द्वारा 18 अप्रैल, 1972 को गंगा बेसिन में बाढ़, कटाव और जल निकासी संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए उपायों की समन्वित योजना बनाने और उनके क्रियान्वयन को सुगम बनाने के उद्देश्य से किया गया था। इस बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री करते हैं और इसमें संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों तथा गंगा बेसिन वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों को शामिल किया जाता है। गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग के अध्यक्ष बोर्ड के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करते हैं। यह बोर्ड गंगा बेसिन में प्रभावी बाढ़ प्रबंधन के लिए केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग तथा समन्वय को मजबूत करने हेतु एक उच्चस्तरीय संस्थागत मंच प्रदान करता है। इस बैठक में चल रही पहलों की समीक्षा करने, अंतरराज्यीय समन्वय को सुदृढ़ करने और प्रभावी बाढ़ प्रबंधन के लिए उभरते नए दृष्टिकोणों पर विचार-विमर्श करने का अवसर मिला।
बैठक के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने 'पुनः भरण मोबाइल ऐप ’ का शुभारंभ किया। इस ऐप को राष्ट्रीय जल मिशन के सहयोग से भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान द्वारा विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य भूजल के कृत्रिम पुनर्भरण से संबंधित उपायों को लागू करने के लिए उपयुक्त स्थलों की वैज्ञानिक पहचान करने में सहायता प्रदान करना है।
