Skip to content
BREAKING

कार्यस्थल पर असुरक्षित परिस्थितियों से सुरक्षा और सम्मान तक का सफर: एनएएमएएसटीई योजना के अंतर्गत सफलता की एक कहानी

Updated:

राजस्थान के 27 वर्षीय स्वच्छता कर्मी रमेश कुमार (बदला हुआ नाम) मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई (एनएएमएएसटीई) योजना की सहायता से सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनका सफर दर्शाता है कि स्वच्छता कर्मियों के जीवन को बेहतर बनाने में कार्यस्थल पर सुरक्ष

कार्यस्थल पर असुरक्षित परिस्थितियों से सुरक्षा और सम्मान तक का सफर: एनएएमएएसटीई योजना के अंतर्गत सफलता की एक कहानी
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार

राजस्थान के 27 वर्षीय स्वच्छता कर्मी रमेश कुमार (बदला हुआ नाम) मशीनीकृत स्वच्छता पारिस्थितिकी तंत्र के लिए राष्ट्रीय कार्रवाई (एनएएमएएसटीई) योजना की सहायता से सुरक्षित और बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। उनका सफर दर्शाता है कि स्वच्छता कर्मियों के जीवन को बेहतर बनाने में कार्यस्थल पर सुरक्षा , श्रम की गरिमा और संस्थागत सहयोग कितना महत्वपूर्ण है।

रमेश का सफर यह दर्शाता है कि किस तरह समय पर मिलने वाली मदद और कल्याणकारी कदम से स्वच्छता कर्मियों और उनके परिजनों के जीवन में सार्थक बदलाव हो सकते हैं।

उनका अनुभव इस बात का उदाहरण है कि एनएएमएएसटीई योजना किस तरह कार्यस्थल पर सुरक्षा को बढ़ावा देने, आजीविका सुरक्षा को सुदृढ़ करने और उन लोगों को सम्मान दिलाने में मदद करती है, जो आवश्यक स्वच्छता सेवाओं में अपना योगदान देते हैं।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के और दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर रमेश को आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और अपने परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

सीवर कर्मी के रूप में उनके काम में कई तरह के व्यावसायिक खतरे थे और उन्हें असुरक्षित परिस्थितियों में काम करना पड़ता था। पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की कमी से उनके दैनिक कार्यों से जुड़े जोखिम अधिक थे।

इन चुनौतियों के बावजूद, रमेश अपने परिवार की स्थिति सुधारने और अधिक सुरक्षा तथा सम्मान के साथ अपनी आजीविका चलाने के लिए दृढ़ संकल्पित रहे। इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में उचित सुरक्षा उपकरणों का मिलना एक महत्वपूर्ण कदम था।

वर्ष 2025 में, एनएएमएएसटीई योजना के अंतर्गत रमेश को अपने कार्यस्थल पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक पीपीई किट और सुरक्षा (सेफ्टी) किट मिली। इस सहायता से उन्हें अपने काम के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण मिले, जिससे स्वच्छता से जुड़े कार्यों में सुरक्षित तरीके से काम करने के महत्व को और बल मिला।

इस मदद की बदौलत, रमेश अब अधिक आत्मविश्वास और सुदृढ़ सुरक्षा भावना से अपना काम कर पा रहे हैं। सुरक्षा उपकरण मिलने से कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण चिंताओं को दूर करने में मदद मिली है और काम के दौरान होने वाले जोखिमों का खतरा भी कम हुआ है।

इस सहायता से उनकी आजीविका की सुरक्षा भी सुदृढ़ हुई है और उनके परिवार के जीवन-स्तर में सुधार भी सुधार हुआ है।

एनएएमएएसटीई योजना, स्वच्छता कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा करने के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इस योजना के अंतर्गत सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता को बढ़ावा देकर, काम करने के बेहतर तरीकों को अपनाकर और स्वच्छता कर्मियों के कल्याण पर ध्यान देकर अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक स्वच्छता परितंत्र तैयार करने का प्रयास किया गया है।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

Share

Comments

0 / 1200

Comments close 30 days after publication.

Related News