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सेशेल्स में चार सैन्य सलाहकारों की नियुक्ति करेगा भारत, हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा पर पैनी नजर

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नई दिल्ली,एनएसआई मीडिया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा सोमवार को समाप्त हो गई। इस दौरान भारत और सेशेल्स के बीच सुरक्षा, क्षमता निर्माण और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाई मिली है। सबसे महत्वपूर्ण…

नई दिल्ली,एनएसआई मीडिया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा सोमवार को समाप्त हो गई। इस दौरान भारत और सेशेल्स के बीच सुरक्षा, क्षमता निर्माण और रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाई मिली है। सबसे महत्वपूर्ण फैसले में भारत एक बार फिर सेशेल्स में सैन्य सलाहकारों की नियुक्त करेगा।

सूचना है कि इस बार भारत की तरफ से चार सैन्य सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। यह व्यवस्था सेशेल्स की पिछली सरकार के कार्यकाल (सितंबर, 2023) में बंद कर दी गई थी, जिसे अब बहाल किया जा रहा है। यह कदम दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और संस्थागत संबंधों को मजबूत करेगा।

चार सैन्य सलाहकार नियुक्त करेगा
भारत पहले भी सेशेल्स की रक्षा से जुड़ा रहा है। वर्ष 1989 से भारतीय सैन्य सलाहकार सेशेल्स पीपुल्स डिफेंस फोर्स (एसपीडीएफ) की मदद कर रहे हैं। इनके कार्यों में सैन्य सलाह, वीवीआइपी सुरक्षा प्रशिक्षण और अन्य विशेषज्ञ कार्य शामिल रहे हैं। यह पुनर्स्थापना भारत की सेशेल्स को सबसे भरोसेमंद सुरक्षा साझेदार बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सनद रहे कि भारत, सेशेल्स की समुद्री और हवाई संपत्तियों के आधे (50 प्रतिशत) से अधिक का संचालन संभालता है, जिसमें डोर्नियर विमान, गश्ती पोत और अन्य उपकरण शामिल हैं। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेड इन इंडिया’ फास्ट पैट्रोल वेसल सौंपा है। साथ ही लेजर गाइडेड बोट्स, यूटिलिटी वाहन और एंबुलेंस भी दिए हैं, जिनकी सेशेल्स को बहुत जरूरत थी।

सुरक्षा, क्षमता निर्माण, रणनीतिक सहयोग को नई ऊंचाई
क्षमता निर्माण भारत की सबसे बड़ी ताकत है और इसमें वह हिंद व प्रशांत महासागर के कई द्वीपीय देशों की मदद कर रहा है। अब देखा जाए तो सेशेल्स का लगभग 70 प्रतिशत रक्षा प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास भारत के सहयोग से होता है। इससे स्थानीय क्षमताओं का दीर्घकालिक विकास हो रहा है और सेशेल्स में ढांचागत सुविधाओं का विकास भी बेहतर तरीके से हो रहा है।

इन पारंपरिक क्षेत्रों के अलावा एआई, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों में भी सेशेल्स ने भारत से सहयोग मांगा है और भारत ने इसमें पूरी मदद का वादा किया है। सेशेल्स, हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। चीन भी यहां प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

चीन ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, आर्थिक सहायता और सैन्य सहयोग के जरिये सेशेल्स को अपनी ओर खींचने की कोशिश की है। कुछ वर्ष पहले चीन ने वहां सैन्य अड्डा बनाने का प्रस्ताव भी दिया था। इस संदर्भ में असम्प्शन द्वीप परियोजना उल्लेखनीय है।

Topics:#PM modi
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