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जेडीयू के पूर्व नेता केसी त्यागी ने थामा आरएलडी का दामन

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नई दिल्ली, 22 मार्च 2026 । पूर्व जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद के.सी. त्यागी ने आज राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का दामन थाम लिया है। दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रालोद के राष्ट्रीय…

नई दिल्ली, 22 मार्च 2026 । पूर्व जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद के.सी. त्यागी ने आज राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का दामन थाम लिया है। दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी की मौजूदगी में के.सी. त्यागी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।

इस अवसर पर उनके बेटे अम्बरीष त्यागी भी रालोद में शामिल हुए।के.सी. त्यागी पिछले दो दशकों से अधिक समय तक जेडीयू के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। वे पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव, प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।

हाल ही में उन्होंने जेडीयू की सदस्यता नवीनीकरण नहीं कराया था और पार्टी से अलग होने का ऐलान किया था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि वर्तमान जेडीयू में उनके विचारों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं बचा है, हालांकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनका व्यक्तिगत संबंध सदैव अच्छा रहेगा।यह घटनाक्रम पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां रालोद का प्रभाव क्षेत्रीय स्तर पर मजबूत है और पार्टी एनडीए गठबंधन का हिस्सा है।

के.सी. त्यागी के अनुभव और त्यागी, जाट तथा अन्य समुदायों में उनके प्रभाव से रालोद को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है। विशेष रूप से मोदीनगर, मुरादनगर, सिवालखास जैसी विधानसभा सीटों पर 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।

कार्यक्रम में जयंत चौधरी ने के.सी. त्यागी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक अनुभव और चौधरी चरण सिंह, राम मनोहर लोहिया तथा कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा से जुड़ाव पार्टी को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

के.सी. त्यागी ने भी कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत लोक दल से ही की थी और यह उनके लिए 'घर वापसी' जैसा है।

वे इसी विचार परिवार के साथ सक्रिय राजनीति में योगदान देना चाहते हैं।सियासी विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम एनडीए खेमे में पश्चिमी यूपी के लिए नई संभावनाएं खोलेगा, जहां रालोद-बीजेपी गठबंधन पहले से मजबूत स्थिति में है। के.सी. त्यागी की एंट्री से पार्टी को संगठनात्मक और चुनावी स्तर पर फायदा पहुंच सकता है।

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