अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड डोनाल्ड ने फ्रांस में हिंसा और कहानियों की सच्चाई के बारे में सोशल मीडिया पर जो टिप्पणी की है, उसने पूरी दुनिया में एक नई बहस छेड़ दी है। उदाहरण ने लिखा, "फ्रांस जल रहा है!" और चेतावनी दी है कि अलग-अलग दुनिया से आए लोगों के आव्रजन ने कभी महान रहे देशों को संकट में डाल दिया है। उन्होंने फ्रांस से अपनी सहमति बंद करने और बहुत देर से पहले होने वाले परिवर्तनों पर नियंत्रण पाने की अपील की है। वास्तविक की यह टिप्पणी भले ही राजनीतिक रूप से कठोर हो, लेकिन इसके पीछे जो उद्बोधन प्रश्न है वह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि आखिर किसी राष्ट्र की सीमा, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है? और जब इन होटलों में से कोई भी होटल में फेल हो जाता है, तो उसकी कीमत कितनी चुकाई जाती है?
फ्रांस के हालात से पूरी दुनिया की स्थिति
17 अक्टूबर को फ्रांस में प्रदर्शन के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, वे किसी भी देश के लिए बनी हुई हैं। सामुदायिक, शिक्षा व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े समूहों को लेकर हजारों लोगों के बीच में हिंसक समुदाय ने समुदाय में आग लगा दी और सरकारी संरचनाओं को बढ़ावा दिया। लिमोज़ शहर के ऐतिहासिक टाउन हॉल को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। पेरिस, मार्सेई और लियोन में भी हिंसा और हिंसा की घटनाएं सामने आईं। फ्रांसीसी अधिकारियों ने कट्टरपंथियों की हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया।
