‘इस अवसर पर रविशेखर मेघवाल ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक मजबूती गांवों के सशक्त होने से ही संभव है। जब ग्राम पंचायतों को उनके संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप पर्याप्त संसाधन और निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलेगी, तभी ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
बीकानेर। पंचायती राज संस्थाओं के संवैधानिक अधिकारों, कर्तव्यों और शक्तियों के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से तैयार किए गए जन-जागरूकता पोस्टर ‘गाँव का अधिकार–गाँव की सरकार’ का विमोचन संसद सेवा केंद्र में रविशेखर मेघवाल ने किया। इस पहल के माध्यम से ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों को उनके संवैधानिक अधिकारों के अनुरूप सशक्त बनाने तथा ग्रामीण लोकतंत्र को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
पंचायत राज पर लंबे समय से कम कर चुके बीजेपी नेता राजकुमार किराडू ने बताया कि भारतीय संविधान के 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक आधार प्रदान किया गया था। पोस्टर में संविधान के अनुच्छेद 243 से 243-O तक के प्रमुख प्रावधानों, ग्राम सभा की भूमिका, ग्राम पंचायतों के अधिकारों और संविधान की 11वीं अनुसूची में शामिल 29 विषयों की जानकारी सरल एवं प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत की गई है, ताकि जनप्रतिनिधियों के साथ आम नागरिक भी पंचायतों की संवैधानिक व्यवस्था को समझ सकें।
