शुभेन्दु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का पद संभालते ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस के गुंडाराज पर लगाम लगती दिखाई देने लगी है। इसका सबसे बड़ा फायदा झारखंड समेत सीमावर्ती राज्यों और पश्चिम बंगाल के बीच सफर करने वाले ट्रक चालकों को होता दिख रहा है। वर्षों से जिन मार्गों पर ‘भाइपो टैक्स’ और ‘डंडा टैक्स’ के नाम पर टीएमसी समर्थित गुंडों द्वारा अवैध वसूली की जाती थी, वहां अब माहौल तेजी से बदल रहा है।
ट्रक चालकों का कहना है कि जो लोग पहले बांस की बैरिकेडिंग लगाकर जबरन उगाही करते थे, वह अब कार्रवाई के डर से अपने बिलों में छिप गए हैं। सीमा पार करते समय नकद वसूली, धमकी, घंटों रोककर उत्पीड़न और वाहन को क्षति पहुँचाने जैसी घटनाओं में अचानक कमी आई है, जिससे लंबे समय बाद ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों ने राहत की सांस ली है।
हम आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल और झारखंड की सीमा से गुजरने वाले वाणिज्यिक वाहनों के चालकों के लिए पिछले कई दशकों से सफर केवल लंबी दूरी तय करने का मामला नहीं था, बल्कि रास्ते भर अवैध वसूली, धमकियों और देरी का सामना करने की मजबूरी भी थी। सीमा पार करते ही कई ट्रक चालकों को गिरोहों द्वारा लगाए गए अवैध नाकों, बांस की बैरिकेडिंग और डंडों से लैस लोगों का सामना करना पड़ता था। इन स्थानों पर नकद वसूली आम बात थी और विरोध करने पर चालकों को घंटों रोके रखना, गालियां देना, गाड़ी के शीशे तोड़ देना या टायर पंचर कर देना जैसी घटनाएं भी सामने आती थीं। अब हालात में अचानक बदलाव दिखाई दे रहा है।
पश्चिम बंगाल में नौ मई को भाजपा सरकार बनने के बाद प्रशासन ने टीएमसी के उगाही केंद्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश जारी किया। राज्य सरकार ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी अवैध वसूली नाके तुरंत हटाए जाएं और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे दोबारा सक्रिय नहीं हो सकें। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग दो और उससे जुड़ी राज्य सड़कों पर पहले की तुलना में यातायात काफी सुचारु हो गया है।