Bikaner News : पीबीएम सुधारो जनआंदोलन को मिल रहा है अपार समर्थन

पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं व बॉर्डर एरिया में धार्मिक स्थलों को तोड़ने के आदेश के खिलाफ 30 जून को जनसभा एवं प्रदर्शन करेंगे डोटासरा व जूली

बीकानेर, 28 जून 2026। पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में चलाया जा रहा ’’पीबीएम सुधारो जनआंदोलन’’ शनिवार को लगातार 18वें दिन भी जारी रहा।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविन्दसिंह डोटासरा और विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बताया कि बॉर्डर इलाकों में हो रही कार्रवाई ‘‘ऑपरेशन बॉर्डर क्लीन’’ के जरिए बॉर्डर के पास के मंदिर और मस्जिदों को टारगेट किया जा रहा है, जिससे लोगों की आस्था को ठेस पहुंच रही है। पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं और बॉर्डर एरिया में धार्मिक स्थलों को तोड़ने के आदेश के खिलाफ 30 जून को जिला कलेक्ट्रेट बीकानेर पर डोटासरा व जूली जनसभा एवं प्रदर्शन करेंगे ।

कांग्रेस नेता आनंद जोशी ने बताया कि संघर्ष समिति की तरफ से एक एक अपील जारी कर पूरे बीकानेर से पीबीएम के धरने लिए समर्थन देने की अपील की थी जिसके तहत बीकानेर के विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर पीबीएम अस्पताल की अव्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग को लेकर चल रहे जनआंदोलन को जनहित में अपना समर्थन दिया और अस्पताल की व्यवस्थाओं में शीघ्र सुधार की मांग की।

धरने को संबोधित करते हुए समर्थकों ने कहा कि पीबीएम अस्पताल संभाग का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है, जहां प्रतिदिन हजारों मरीज उपचार के लिए आते हैं। अस्पताल में दवाइयों, ऑक्सीजन, इंजेक्शन एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री की उपलब्धता नहीं होने , सफाई व्यवस्था नहीं होना तथा मरीजों और उनके परिजनों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। अतः तत्काल सुधार व समुचित व्यवस्थाएं की जानी चाहिए।

धरना स्थल पर समर्थन देने आये समस्त वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों की ठेका प्रथा में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण सफाई व्यवस्था अव्यवस्थित हैं। वाल्मीकि समाज का कहना है कि ठेका प्रथा के कारण हमारा आर्थिक एवं सामाजिक शोषण हो रहा है। उन्होंने ठेका प्रथा समाप्त कर वाल्मीकि समाज के लोंगों कोे नियमित अथवा संविदा भर्ती पर लेना चाहिए, जिससे वाल्मीकि समाज का आर्थिक व सामाजिक उत्थान तो होगा ही साथ ही पीबीएम की सफाई व्यवस्था दुरूस्त होगी।

धरने को समर्थन देने वालों में राजस्थान मेघवाल समाज संस्थान (रजि.) बीकानेर, शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज संघ बीकानेर, बीकानेर व्यापार उद्योग मंडल, राष्ट्रीय एकता अभियान बीकानेर, समस्त वाल्मीकि समाज बीकानेर, मुक्ति संस्था (पंजीकृत) बीकानेर, अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद शाखा बीकानेर, क्षत्रिय सभा बीकानेर, सर्व कामगार सेवा संघ बीकानेर, विप्र फाउंडेशन बीकानेर तथा राजस्थान वूलन एसोसिएशन बीकानेर’’ सहित अनेक सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

जिला संगठन प्रहलादसिंह मार्शल ने बताया कि बिशनाराम सियाग, मदनगोपाल मेघवाल, भंवर कूकणा, श्रीकृष्ण गोदारा, ओमप्रकाश लोहिया, कमल कल्ला, जय सेठिया, एड. हीरालाल हर्ष, राजेन्द्र जोशी, सुरेन्द्रकुमार व्यास, एड. जितेन्द्र भोजक, हाफिज फरमान अली, जुगल राठी, करणप्रतापसिंह सिसोदिया, भंवरलाल पुरोहित, आम्बाराम इणखिया, हीरालाल तेजी, मालाराम धतरवाल, हुसैन हिन्दुस्तानी, हंसराज बिश्नोई, संजय जैन सांड, रामकुमार पुरोहित, इन्द्रकुमार व्यास, उम्मेदसिंह भाटी, धन्नादास, रामस्वरूप हर्ष, आनन्द चौहान, चन्द्रप्रकाश वाल्मीकि, शिवरतन, रतनलाल, श्यामलाल, गणेश, माणक वाल्मीकि, विनोद कुमार, राजेश, भोजराज, नवल कुमार, खिंयाराम, हेमराज चांवरिया, अनील, सन्नी, जोगेन्द्र, मोतीलाल, विजय, विरेन्द्र, अर्जुन, सुनील, उमेश, चन्दन, विमल, शान्तिलाल, दयाशंकर शर्मा, आदि सहित अनेक समर्थनजन मौजूद रहें।

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