सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने अनुसंधान विकास और नवाचार (आरडीआई) कोष के तहत 116 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित मेसर्स मनस्तु स्पेस टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी क्षमताओं को मजबूत करने और अंतरिक्ष तक सतत पहुंच को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
277.63 करोड़ रुपए की कुल लागत वाली इस परियोजना का उद्देश्य 5 मिलियन टन से 300 टन थ्रस्ट श्रेणी के उपग्रहों और प्रक्षेपण यानों के लिए एक स्केलेबल, एकीकृत हरित प्रणोदन प्रणाली विकसित करना है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य प्रौद्योगिकी को प्रौद्योगिकी तत्परता स्तर (टीआरएल)-6 से टीआरएल-9 तक उन्नत करना है। इसका उद्देश्य प्रणोदन प्रणाली के आगे के विकास, सत्यापन और इसे अपनाने में सहायता करना है। वित्तीय सहायता वैकल्पिक रूप से परिवर्तनीय ऋण (ओसीडी) के माध्यम से प्रदान की जाएगी।
मनस्तु स्पेस एक स्वदेशी हरित प्रणोदन प्रणाली विकसित कर रही है। इसे उपग्रहों और प्रक्षेपण यानों के लिए संपूर्ण प्रणोदन समाधान प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है। यह तकनीक हाइड्रोजन पेरोक्साइड आधारित हरित प्रणोदक का उपयोग करती है। योजक तत्वों के साथ ही इसमें एक एकीकृत इंजन और उत्प्रेरक प्रणाली का इस्तेमाल किया जाता है। यह प्रणाली बेहतर प्रदर्शन और लागत दक्षता प्रदान करती है और पारंपरिक प्रणोदकों से जुड़ी परिचालन चुनौतियों को भी कम करती है।
