- डॉ. जितेंद्र सिंह ने ‘ईएसटीआईसी 2026’ में आयोजित प्रदर्शनी का दौरा किया, जिसमें भारत की वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं के व्यापक दायरे को दर्शाने वाले 50 चुने हुए डीप-टेक स्टार्टअप, 13 विभागीय स्टॉल और 10 विभागीय तकनीकें शामिल हैं
- ‘ईएसटीआईसी-2026’ स्टार्टअप, वैज्ञानिक संस्थानों और उद्योग जगत को सहयोग की संभावनाएं तलाशने हेतु एक मंच प्रदान करता है: डॉ. जितेंद्र सिंह
- केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि स्वदेशी तकनीकें भारत की बढ़ती वैज्ञानिक एवं तकनीकी क्षमताओं को दर्शाती हैं
- मोदी सरकार का ध्यान नवाचार को व्यावहारिक अनुप्रयोगों एवं व्यापक अंगीकरण से जोड़ने पर केन्द्रित है: डॉ. जितेंद्र सिंह
- डॉ. जितेंद्र सिंह ने सभी हितधारकों से भारत के नवाचार इकोसिस्टम को मजबूत करने के अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय , कार्मिक , लोक शिकायत एवं पेंशन , परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने स्टार्टअप और उद्योग जगत के बीच मजबूत संबंध बनाने का आह्वान किया है। उन्होंने ऐसी साझेदारियों को बढ़ावा देने में सरकार की भूमिका पर जोर दिया है , जिससे स्वदेशी नवाचारों को अनुसंधान एवं विकास के चरण से आगे ले जाकर व्यापक स्तर पर व्यावसायिक रूप से अपनाया जा सके।
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि भारत का बढ़ता नवाचार इकोसिस्टम स्टार्टअप को उद्योग जगत एवं तकनीक अपनाने वाले अन्य समर्थ लोगों से जुड़ने , व्यावहारिक अनुप्रयोग विकसित करने और अपने समाधानों का विस्तार करने के महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। उन्होंने सभी हितधारकों से आगे आने और भारत की नवाचार-आधारित विकास यात्रा को मजबूत करने हेतु इन अवसरों का प्रभावी ढंग से सदुपयोग करने का आग्रह किया।
