नई दिल्ली स्थित अंतरराष्ट्रीय आनुवंशिक अभियांत्रिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी केंद्र (आईसीजीईबी) ने विज्ञान की उभरती तकनीक और नवाचार सम्मेलन (ईएसटीआईसी 2026) के पूर्वालोकन कार्यक्रम की मेज़बानी की। इस कार्यक्रम में सिस्टम और सिंथेटिक बायोलॉजी पर आयोजित एक विशेष सत्र में वैज्ञानिक अनुसंधान, बायोटेक्नोलॉजी और नवाचार को आगे बढ़ाने और इनमें बदलाव लाने में भारत की क्षमता को दर्शाया गया।
नीति आयोग के सदस्य प्रो. गोबरधन दास इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। अन्य गणमान्य व्यक्तियों में जैव प्रोद्योगिकी विभाग (डीबीटी) के सचिव डॉ. राजेश एस. गोखले तथा साइंटिस्ट-एच डॉ. धनंजय कुमार तिवारी और आईसीजीईबी नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रमेश वी. सोंटी शामिल थे।
डॉ. रमेश वी. सोंटी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले ईएसटीआईसी 2026 का संक्षिप्त विवरण दिया। डॉ. सोंटी ने सिस्टम और सिंथेटिक बायोलॉजी के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि डीबीटी ईएसटीआईसी 2026 में “सिस्टम्स और सिंथेटिक बायोलॉजी” पर एक सत्र का आयोजन करेगा। उन्होंने कहा कि “सिस्टम्स और सिंथेटिक बायोलॉजी” के उभरते क्षेत्र जीवन के लगभग हर पहलू के लिए महत्वपूर्ण हैं और वैज्ञानिक प्रगति के कई अवसर प्रदान करते हैं।
