तेलुगु आयुर्वेदिक पांडुलिपियों के प्रतिलेखन एवं संपादन पर तीन दिवसीय कार्यशाला आज हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (एनआईआईएमएच) के सभागार में संपन्न हुई। 26 से 28 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित इस कार्यशाला में ऐतिहासिक तेलुगु ताड़पत्र एवं कागजी पांडुलिपियों में संरक्षित प्राचीन चिकित्सा ज्ञान के पाठोद्धार, प्रतिलेखन, विश्लेषण और समालोचनात्मक संपादन के लिए विशिष्ट कौशल विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इस कार्यशाला का आयोजन आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा और आयुष मंत्रालय के सलाहकार (आयुर्वेद) डॉ. कौस्तुभ उपाध्याय के मार्गदर्शन में किया गया। यह कार्यशाला आयुष मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएएस)– राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा विरासत संस्थान (एनआईआईएमएच), हैदराबाद के अंतर्गत कार्यरत चिकित्सा-ऐतिहासिक अध्ययन एवं भारतीय चिकित्सा विरासत उत्कृष्टता केंद्र के तत्वावधान में आयोजित की गई।
क्षमता विकास और मानव संसाधन विकास की पहल के रूप में तैयार की गई इस कार्यशाला का उद्देश्य शोधकर्ताओं और विद्वानों को भारत की चिकित्सा विरासत के व्यवस्थित अध्ययन और संरक्षण के लिए आवश्यक विशिष्ट कौशल से सुसज्जित करना था।
