मुख्य सामग्री पर जाएं
ब्रेकिंग

सीएसआईआर-सीआरआरआई ने नई दिल्ली में भारतीय हवाई अड्डा फुटपाथ संगोष्ठी (आईएपीएस 2026) का उद्घाटन किया

अपडेट:

सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) ने ' भारत टिकी टार शेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ' ( बीटीएस ) के सहयोग से आज नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर-सीआरआरआई ऑडिटोरियम में भारतीय हवाई अड्डा फुटपाथ संगोष्ठी (आईएपीएस 2026) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। "एक सुदृढ़ और स्थायी विमानन भविष

शेयर करें
सीएसआईआर-सीआरआरआई ने नई दिल्ली में भारतीय हवाई अड्डा फुटपाथ संगोष्ठी (आईएपीएस 2026) का उद्घाटन किया
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार

सीएसआईआर-केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर-सीआरआरआई) ने ' भारत टिकी टार शेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ' ( बीटीएस ) के सहयोग से आज नई दिल्ली स्थित सीएसआईआर-सीआरआरआई ऑडिटोरियम में भारतीय हवाई अड्डा फुटपाथ संगोष्ठी (आईएपीएस 2026) का सफलतापूर्वक आयोजन किया। "एक सुदृढ़ और स्थायी विमानन भविष्य के लिए प्रदर्शन-आधारित हवाई अड्डा फुटपाथ को उन्नत करना" विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में नियामकों , हवाई अड्डा संचालकों , सशस्त्र बलों , शिक्षाविदों और वैश्विक फुटपाथ विशेषज्ञों सहित कई प्रमुख हितधारक शामिल हुए। इसका उद्देश्य भारत की विस्तार हो रही हवाई अड्डा अवसंरचना के लिए एक व्यापक तकनीकी रोडमैप तैयार करना था।

इस संगोष्ठी का उद्घाटन भारत सरकार के डीएसआईआर की सचिव और सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. (श्रीमती) एन. कलाईसेल्वी ने किया। उन्होंने देश की महत्वपूर्ण परिवहन अवसंरचना को मजबूत करने के लिए स्वदेशी अनुसंधान और विकास , तकनीकी नवाचार तथा संस्थागत सहयोग के महत्व पर जोर दिया।

मुख्य अतिथि के रूप में , भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल ) के कार्यकारी निदेशक श्री मनोज मेनन ने विशेष संबोधन दिया। उन्होंने विमानन अवसंरचना की उभरती जरूरतों को पूरा करने में उद्योग-संचालित नवाचार और सामग्री प्रौद्योगिकियों की भूमिका पर प्रकाश डाला।

सीएसआईआर-सीआरआरआई के निदेशक डॉ. सीएच. रवि शेखर ने फुटपाथ इंजीनियरिंग , सड़क और हवाई अड्डे की अवसंरचना से जुड़े अनुसंधान , परिसंपत्ति प्रबंधन और तकनीकी मानकों के विकास में संस्थान के लंबे समय से चले आ रहे योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने हवाई अड्डे के फुटपाथ की सुदृढ़ता , सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावहारिक इंजीनियरिंग समाधानों में बदलने के महत्व पर जोर दिया।

सीएसआईआर-सीआरआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक और आयोजन सचिव डॉ. आशीष वालिया ने स्वागत भाषण और कार्यक्रम के संदर्भ पर विचार प्रस्तुत किए। सीएसआईआर-सीआरआरआई I में सूचना , संपर्क और प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख डॉ. के. रविंदर ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया।

तकनीकी सत्रों में फुटपाथ की योजना , गुणवत्ता नियंत्रण , सुदृढ़ एयरफील्ड और रूपांतरित बिटुमिनस सामग्री से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों पर चर्चा की गई। यह संगोष्ठी भारत की तेजी से विस्तार कर रही विमानन अवसंरचना के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान को अभिनव इंजीनियरिंग समाधानों में बदलने की सीएसआईआर-सीआरआरआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस संगोष्ठी का एक मुख्य आकर्षण सीएसआईआर-सीआरआरआई और भारत टिकी टार शेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू ) पर हस्ताक्षर होना था। इसका उद्देश्य उन्नत रूपांतरित बिटुमिनस सामग्री और विशेष हवाई अड्डा फुटपाथ समाधानों के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान , प्रौद्योगिकी विकास और उसके कार्यान्वयन को बढ़ावा देना है।

स्रोत: Times of Rajasthan

स्रोत: Times of Rajasthan

शेयर करें

टिप्पणियां

0 / 1200

टिप्पणियां प्रकाशन के 30 दिन बाद बंद हो जाती हैं।

संबंधित खबरें