सुप्रीम कोर्ट ने जौजरी नदी में औद्योगिक अपशिष्ट के कारण होने वाले प्रदूषण पर सरकार को सख्त चेतावनी दी। 20 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा, राज्य को सुधारात्मक कदम उठाने का आदेश दिया गया।
रायपुर, बलोत्रा और पाली जिलों से होकर बहने वाली जौजरी, लुनी और बंडी नदियाँ, राज्य के शुष्क पश्चिमी क्षेत्र में मौसमी नदियाँ हैं। यहाँ वस्त्र-रंगाई और इस्पात उद्योगों से उत्पन्न अपशिष्ट सीधे नदियों और मिट्टी में पहुँच रहा है।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश और उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट
2025 में सुप्रीम कोर्ट ने स्वयंस्फूर्त रूप से एक व्रिट पिटीशन दायर की और जौजरी नदी के प्रदूषण पर उच्च स्तरीय पारिस्थितिकी निगरानी समिति गठित की, जिसका अध्यक्ष न्यायमूर्ति संगीत लोढ़ा थे।
