- 2029 तक एक 'नशा मुक्त भारत' के लिए मादक द्रव्यों के सेवन संबंधी विकारों से निपटने के लिए एक समन्वित, संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण की आवश्यकता है: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री
- मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य सेवा, सामाजिक कल्याण और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच तालमेल आवश्यक है: श्री नड्डा
- यह कार्यक्रम 'नारकोटिक कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट: 2026-2029' के तहत 2028-29 तक 10,000 सेवा प्रदाताओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखता है
- श्री नड्डा ने चिकित्सा और संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत की; 'मैनेजमेंट ऑफ एडिक्टिव डिसऑर्डर्स: ए फिजिशियन मैनुअल' के दूसरे संस्करण का विमोचन किया
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जेपी नड्डा ने आज कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली में ड्रग डी-एडिक्शन सेवाओं में लगे मेडिकल और एलाइड हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्च किया। यह प्रोग्राम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सेक्रेटरी और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, सामाजिक न्याय और अधिकारिता, और गृह मंत्रालयों के सीनियर अधिकारियों की मौजूदगी में हाइब्रिड मोड में लॉन्च किया गया।
इस प्रोग्राम का मकसद पूरे देश में नशे की रोकथाम, पहचान, असेसमेंट, इलाज और मैनेजमेंट में शामिल हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की क्षमता को मजबूत करना है।
