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रितु बराला मामला: 42 घंटे बाद कमिश्नरेट से बाहर आए कांग्रेस नेता, जीरो एफआईआर नहीं हुई दर्ज

लेखक Piyush purohit

अपडेट:

जयपुर। रितु बराला प्रकरण में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में धरने पर बैठे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य कांग्रेस…

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रितु बराला मामला: 42 घंटे बाद कमिश्नरेट से बाहर आए कांग्रेस नेता, जीरो एफआईआर नहीं हुई दर्ज
Govind singh Dotasara

जयपुर। रितु बराला प्रकरण में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में धरने पर बैठे राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य कांग्रेस नेता करीब 42 घंटे बाद बाहर आए। पुलिस कमिश्नर से बातचीत के बावजूद जीरो एफआईआर दर्ज नहीं होने की लिखित जानकारी दी दे है । जिसमे बताया गया कि क्यों fir दर्ज नहीं हो सकती ।

कांग्रेस नेताओं ने रितु बराला के साथ दिल्ली में कथित मारपीट के मामले में जयपुर में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई थी। इसी मांग को लेकर डोटासरा सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे थे और वहीं धरने पर बैठ गए। कांग्रेस का कहना है कि शिकायत दर्ज कर मामले को जांच के लिए संबंधित पुलिस थाने को भेजा जाना चाहिए।

42 घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं बेरंग लौटे

करीब 42 घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद कांग्रेस नेताओं की पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई। हालांकि, वार्ता के दौरान एफआईआर दर्ज करने के मुद्दे पर सहमति नहीं बन पाई। इसके बाद नेता कमिश्नरेट से बाहर आए, लेकिन उनकी नाराजगी बरकरार रही।

जीरो एफआईआर पर पुलिस और कांग्रेस आमने-सामने

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि रितु बराला की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर उसे दिल्ली पुलिस को भेजा जा सकता है। वहीं, पुलिस का पक्ष है कि संबंधित घटना को लेकर दिल्ली में पहले ही शिकायत दी जा चुकी है और वहां की पुलिस मामले को देख रही है। इसी आधार पर जयपुर में अलग से जीरो एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

जिंदाबाद करने से रोका

कमिश्नरेट के बाहर निकलने के दौरान कार्यकर्ताओं ने डोटासरा जिंदाबाद नारेबाजी की । तो डोटासरा ने मनाकर राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने का इशारा किया ।

करीब 42 घंटे के धरने और पुलिस अधिकारियों से वार्ता के बाद भी जीरो एफआईआर दर्ज नहीं होने से यह विवाद समाप्त नहीं हुआ है। अब देखना होगा कि कांग्रेस आगे आंदोलन का कौन-सा रास्ता अपनाती है और पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है।

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