वरिष्ठ पत्रकार पीयूष पुरोहित की त्वरित टिप्पणी :-
जयपुर। रितु बराला प्रकरण में राजस्थान कांग्रेस का पुलिस आयुक्तालय पर धरना अब केवल जीरो एफआईआर की मांग का मामला नहीं रह गया है। इसके पीछे कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति, राहुल गांधी के कथित सीधे हस्तक्षेप, दो राज्यों की अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों और पहले से दर्ज पुलिस मुकदमे की कानूनी स्थिति को समझना भी जरूरी है।
इस पूरे घटनाक्रम को देखें तो एक सवाल उठता है—क्या राहुल गांधी ने केरल में जीरो एफआईआर दर्ज होने की जानकारी के आधार पर राजस्थान में भी तत्काल वैसी ही कार्रवाई कराने का निर्देश दे दिया, जबकि दोनों राज्यों में सरकारें अलग हैं और मामले की परिस्थितियां भी अलग हो सकती हैं? यदि ऐसा हुआ, तो क्या यही जल्दबाजी राजस्थान कांग्रेस के लिए असहज स्थिति का कारण बनी?

