स्माइल (SMILE) योजना के तहत 46 वर्षीय मीरा ठाकुर को पुनर्वास, चिकित्सा और कौशल प्रशिक्षण मिला, जिससे वह बेघर जीवन से आजीविका कमाने वाली स्वावलंबी महिला बनीं।
मीरा, जो पहले कक्षा ग्यारहवीं उत्तीर्ण कर फूलों की माला बनाती थीं, परिवारिक गतिरोध के बाद गंभीर आर्थिक और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही थीं।
16 मार्च 2024 को परम पूज्य रक्षक आदिनाथ वेलफेयर एंड एजुकेशनल सोसायटी (PRAWES) ने इंदौर के शनि मंदिर परिसर से उन्हें रेस्क्यू किया और पुनर्वास केंद्र से जोड़ दिया।
