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रेल मंत्री एवं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने जयपुर (खातीपुरा) - टाटानगर - सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन का हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

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नई रेल सेवा से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी होगी मजबूत

रेल मंत्री एवं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने जयपुर (खातीपुरा) - टाटानगर - सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन का हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार
  • नई रेल सेवा से राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के बीच कनेक्टिविटी होगी मजबूत
  • बेहतर रेल सेवा से रोजगार, शिक्षा और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

जयपुर (खातीपुरा) - टाटानगर - सांतरागाछी एक्सप्रेस ट्रेन का आज शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम में श्री दिलीप घोष, मंत्री, पश्चिम बंगाल सरकार, श्री सुनील कोठारी, महापौर, श्री विद्युत बरन महतो, सांसद एवं श्रीमती मंजू शर्मा, सांसद सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जयपुर को जमशेदपुर और कोलकाता से जोड़ने वाली नई ट्रेन सेवा राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी। रेल मंत्री ने कहा कि नई सेवा से राजस्थान में रहने वाले प्रवासी श्रमिकों, व्यापारिक समुदायों, विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों के बीच यात्रा करने वाले अन्य यात्रियों को लाभ होगा।

झारखंड में रेलवे के विकास का उल्लेख करते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि राज्य के लिए रेलवे बजट आवंटन ₹450 करोड़ से बढ़कर ₹7,500 करोड़ हो गया है, जो पहले के आवंटन का लगभग 16 गुना है। राज्य में लगभग ₹75,000 करोड़ की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत झारखंड के 57 स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है। इनमें गोड्डा, गोविंदपुर रोड, लोहरदगा, मधुपुर और मुरी सहित कई स्टेशनों पर कार्य पूरा हो चुका है।

रेल मंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देशभर में पुनर्विकास कार्य जारी हैं और 1,300 से अधिक स्टेशनों को विकास के लिए लिया गया है। पश्चिम बंगाल के कई स्टेशनों, जिनमें सांतरागाछी, जलपाईगुड़ी रोड, जयचंडी पहाड़, हल्दिया और कामाख्यागुड़ी शामिल हैं, का भी पुनर्विकास किया जा रहा है।

श्री वैष्णव ने कहा कि रेलवे का विकास मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है, जिनके लिए रेलवे किफायती परिवहन का एक प्रमुख साधन है। उन्होंने जोर दिया कि स्टेशन पुनर्विकास और बेहतर कनेक्टिविटी से सभी आय वर्गों के यात्रियों को लाभ होगा।

श्री वैष्णव ने कहा कि हावड़ा, खड़गपुर, चाकुलिया और टाटानगर को जोड़ने वाली रेल लाइन पर चार-लाइन विस्तार का कार्य किया जा रहा है। रेल मंत्री ने यह भी बताया कि कोलकाता मेट्रो के बेलघाटा-आईटी सेंटर से जुड़ा 4.5 किलोमीटर लंबा सेक्शन पूरा हो चुका है और इस पर ट्रायल रन शुरू हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह सेक्शन ग्रीन लाइन से कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

पश्चिम बंगाल के माननीय मुख्यमंत्री श्री सुवेंदु अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान राज्य में चलाई जा रही रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया।

श्री अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के लिए रेलवे बजट आवंटन में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2009-2014 के दौरान वार्षिक औसत आवंटन ₹4,380 करोड़ था, जो वर्ष 2026-27 के लिए बढ़कर ₹14,205 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ निवेश राज्य में रेलवे अवसंरचना के विकास और कनेक्टिविटी में सुधार में सहायक होगा।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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