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कर्नाटक के ईएसआईसी अस्पताल में सफल सुलह प्रक्रिया के परिणामस्वरूप 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया और उनके 7.40 लाख रुपये के बकाए वेतन का भुगतान भी…

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भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के तंत्र द्वारा समय पर किए गए हस्तक्षेप से एक औद्योगिक विवाद का सफलतापूर्वक समाधान हो गया है। इसके परिणामस्वरूप , कर्नाटक स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी ) मॉडल अस्पताल में 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम

कर्नाटक के ईएसआईसी अस्पताल में सफल सुलह प्रक्रिया के परिणामस्वरूप 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया और उनके 7.40 लाख रुपये के बकाए वेतन का भुगतान भी सुनिश्चित किया गया
— पत्र सूचना कार्यालय (PIB), भारत सरकार

भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय के तहत मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के तंत्र द्वारा समय पर किए गए हस्तक्षेप से एक औद्योगिक विवाद का सफलतापूर्वक समाधान हो गया है। इसके परिणामस्वरूप , कर्नाटक स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी ) मॉडल अस्पताल में 37 अनुबंध कर्मचारियों को पुनः काम पर रखा गया है और उनके लगभग 7.40 लाख रुपये के बकाए वेतन का भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है।

इस विवाद को कर्नाटक राज्य ईएसआईसी मॉडल अस्पताल के अनुबंध कर्मचारियों के संघ द्वारा उठाया गया था। यह विवाद अनुबंध की अवधि समाप्त होने से पहले ही नर्सिंग अर्दली और सहायक कर्मचारियों को काम से हटाए जाने से संबंधित था। इस मामले को तुरंत सुलह-वार्ता के लिए लिया गया और मुख्य नियोक्ता के रूप में ईएसआईसी तथा ठेकेदार को इस सुलह प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बुलाया गया।

बेंगलुरु स्थित उप मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के मार्गदर्शन में , बेंगलुरु के सहायक श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) के प्रभावी और समय पर किए गए हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप प्रभावित सभी 37 अनुबंध श्रमिकों को 23.10.2026 से पुनः काम पर रख लिया गया। इसके अलावा , सितंबर 2026 के महीने के उनके बकाए वेतन , जो लगभग 7.40 लाख रुपये था , का भुगतान भी कर दिया गया।

इस विवाद का समय पर समाधान होने से प्रभावित श्रमिकों के रोजगार की रक्षा हुई और उनके बकाए वेतन का भुगतान सुनिश्चित हुआ , जिससे श्रम से जुड़ी उचित कार्यप्रणालियों और सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंधों को बढ़ावा मिला।

यह सफल सुलह प्रक्रिया श्रमिकों के हितों की रक्षा करने , औद्योगिक विवादों को सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने में मदद करने और श्रमिकों , नियोक्ताओं तथा अन्य हितधारकों के बीच रचनात्मक बातचीत को बढ़ावा देने के प्रति मुख्य श्रम आयुक्त (केन्द्रीय) संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

स्रोत: Times of Rajasthan

Source: Times of Rajasthan

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