Skip to content
हिन्दी
BREAKING

फीफा चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन जुटाने जापान दौरे पर जाएंगे जियानी इन्फेंटिनो

Updated:

टोक्यो । फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो एक बार फिर अपने पद पर बने रहने की तैयारी में जुटे हैं। इसी सिलसिले में उनका चुनावी अभियान इस सप्ताह जापान पहुंचेगा, जहां बुधवार को टोक्यो…

फीफा चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन जुटाने जापान दौरे पर जाएंगे जियानी इन्फेंटिनो

टोक्यो । फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो एक बार फिर अपने पद पर बने रहने की तैयारी में जुटे हैं। इसी सिलसिले में उनका चुनावी अभियान इस सप्ताह जापान पहुंचेगा, जहां बुधवार को टोक्यो में एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अधिकारियों के साथ उनकी बैठक होनी है। मार्च में होने वाले अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले एशियाई देशों का समर्थन उनके लिए काफी अहम माना जा रहा है।

फीफा परिषद संस्था का प्रमुख फैसला लेने वाला निकाय है, जिसमें दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों के फुटबॉल अधिकारी शामिल हैं। जापान में होने वाली बैठक टोक्यो के एक पांच सितारा होटल में रखी गई है। इसमें मीडिया की पहुंच काफी सीमित रहने की संभावना है। बताया जा रहा है कि एशियाई फुटबॉल परिसंघ के अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने शुरुआत में इन्फेंटिनो की योजना का विरोध किया था। हालांकि, द एथलेटिक की रिपोर्ट के अनुसार, अब उनके और इन्फेंटिनो के बीच दूरी कुछ कम हो सकती है।

विवाद के बाद इन्फेंटिनो ने फीफा के फैसले लेने की प्रक्रिया की खुली और समीक्षा कराने की पेशकश भी की है। लेकिन इस प्रस्ताव से आलोचकों की चिंताएं कितनी दूर होंगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

एसोसिएटेड प्रेस की ओर से जुटाए गए समर्थन के आंकड़ों के मुताबिक, इन्फेंटिनो मार्च में होने वाले चुनाव में जीत के लिए जरूरी समर्थन के करीब पहुंच चुके हैं। फीफा के कुल 211 सदस्य देशों में से 87 ने सार्वजनिक बयानों या अपने क्षेत्रीय फुटबॉल संगठनों के समर्थन के जरिए उनके पक्ष में संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्हें जीत के लिए साधारण बहुमत हासिल करना होगा। एशिया के कुछ देशों के वोट इस मुकाबले में निर्णायक हो सकते हैं।

एशियाई फुटबॉल परिसंघ ने विश्व कप से जुड़े प्रस्ताव पर पहले आलोचना जताई थी, लेकिन उसके सदस्य देशों की राय एक जैसी नहीं है। 2022 विश्व कप की मेजबानी करने वाले कतर ने इन्फेंटिनो का समर्थन किया है, जबकि जॉर्डन ने उनके विरोध का रुख अपनाया है। फीफा परिषद की अगली बैठक 16 दिसंबर को कतर की राजधानी दोहा में होनी है।

गौरतलब है कि 1974 के बाद से फीफा का कोई भी मौजूदा अध्यक्ष चुनाव हारकर पद से नहीं हटा है। इन्फेंटिनो के खिलाफ चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को 18 नवंबर तक अपना नाम देना होगा। नियमों के मुताबिक, उम्मीदवार को पिछले 5 वर्षों में कम से कम 2 वर्ष फुटबॉल से सक्रिय रूप से जुड़ा होना चाहिए और कम से कम 5 सदस्य देशों का समर्थन भी हासिल करना होगा।

पैसिफिक यूनिवर्सिटी के राजनीतिक विशेषज्ञ और पूर्व पेशेवर फुटबॉल खिलाड़ी जूल्स बॉयकॉफ ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि फीफा दुनिया भर के फुटबॉल संगठनों को बड़ी रकम बांटता है, जिससे उसके नेतृत्व को समर्थन मिल सकता है। उनके मुताबिक, इन पैसों का मकसद फुटबॉल का विकास होना चाहिए, लेकिन खर्च की निगरानी सीमित है। ऐसे में फीफा के कामकाज में बड़े बदलाव की जरूरत है और अध्यक्ष चुनाव के साथ संस्था की पारदर्शिता का सवाल भी अहम बना हुआ है।

Share

Comments

0 / 1200

Comments close 30 days after publication.

Related News