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एशियन पैरा गेम्स 2026: तीसरे दिन भारत ने 5 स्वर्ण सहित जीते 27 पदक, तालिका में शीर्ष 5 में वापसी

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एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा, सचिन खिलारी, प्रवीण कुमार, सिमरन शर्मा और दिलीप गावित ने जीते स्वर्ण पदक आईची-नागोया (जापान), 21 अक्टूबर। एशियन पैरा गेम्स 2026 में…

एशियन पैरा गेम्स 2026: तीसरे दिन भारत ने 5 स्वर्ण सहित जीते 27 पदक, तालिका में शीर्ष 5 में वापसी

एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा, सचिन खिलारी, प्रवीण कुमार, सिमरन शर्मा और दिलीप गावित ने जीते स्वर्ण पदक

आईची-नागोया (जापान), 21 अक्टूबर। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी। बुधवार को भारत ने पांच स्वर्ण, 11 रजत और 11 कांस्य सहित कुल 27 पदक अपने नाम किए। इस दमदार प्रदर्शन के साथ भारत की कुल पदक संख्या 62 हो गई। भारत अब तक 14 स्वर्ण, 22 रजत और 26 कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।

तीसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन एथलेटिक्स में देखने को मिला। ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में भारत ने 18 पदक जीते। कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि कुछ स्पर्धाओं में भारतीय एथलीटों ने गेम्स रिकॉर्ड बनाकर अपनी श्रेष्ठता साबित की। एथलेटिक्स के अलावा पैरा तीरंदाजी, तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश की उपलब्धियों में इजाफा किया।

एथलेटिक्स में भारत का दमदार प्रदर्शन,सचिन खिलारी ने बनाया गेम्स रिकॉर्ड

पुरुषों की शॉटपुट एफ46 स्पर्धा में भारत ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए तीनों पदक अपने नाम किए। सचिन सर्जेराव खिलारी ने 15.87 मीटर की दूरी तक गोला फेंककर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। मोहम्मद यासिर ने रजत, जबकि परवीन ने कांस्य पदक हासिल किया। इस स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा इतना प्रभावशाली रहा कि पोडियम के तीनों स्थान भारत के नाम रहे।

प्रवीण कुमार ने हाई जंप में बचाया खिताब

पुरुषों की हाई जंप टी64 स्पर्धा में प्रवीण कुमार ने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। उन्होंने 2.05 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इसी स्पर्धा में भारत के बंटी ने 1.92 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों की इस स्वर्ण-रजत सफलता ने देश के पदक खाते को मजबूती दी।

सिमरन शर्मा का स्वर्णिम स्प्रिंट डबल

महिला धाविका सिमरन शर्मा ने अपनी शानदार लय जारी रखते हुए महिलाओं की 100 मीटर टी12 दौड़ 12.02 सेकंड में पूरी की। उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड बनाकर स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले सिमरन 200 मीटर स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक हासिल कर चुकी थीं। इस तरह उन्होंने प्रतियोगिता में स्प्रिंट स्पर्धाओं में अपनी श्रेष्ठता साबित की।

दिलीप गावित की तेज रफ्तार, आयुष वर्मा भी चमके

पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में दिलीप गावित ने 10.69 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। इसी दौड़ में भारत के मोहम्मद बासिल ने रजत पदक हासिल किया। वहीं, पुरुषों की शॉटपुट एफ53 स्पर्धा में आयुष वर्मा ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में एक और सुनहरी उपलब्धि जोड़ दी।

तीरंदाजी, तैराकी और पावरलिफ्टिंग में भी पदक

एथलेटिक्स के साथ अन्य खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पैरा तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स के फाइनल में कड़े मुकाबले के बाद रजत पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने अपनी सटीक निशानेबाजी और संयमित प्रदर्शन से भारत को एक और महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।

पैरा तैराकी में रवि कार्तिक बुदिगीना ने पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एस13 स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। हिमांशु नांदल ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी11 और रोहित कुमार ने 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एसबी4 स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर भारतीय पदक खाते में योगदान दिया।

पावरलिफ्टिंग में महिलाओं के 67 किलोग्राम भारवर्ग में कस्तूरी राजामनी ने रजत पदक अपने नाम किया। उनकी उपलब्धि ने यह दिखाया कि भारतीय पैरा खिलाड़ियों का प्रभाव केवल ट्रैक एंड फील्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न खेलों में देश के खिलाड़ी लगातार सफलता हासिल कर रहे हैं।

पदक तालिका में भारत की मजबूत वापसी

तीसरे दिन मिले 27 पदकों ने भारत को पदक तालिका में शीर्ष पांच देशों के बीच पहुंचा दिया। कुल 62 पदकों में 14 स्वर्ण, 22 रजत और 26 कांस्य शामिल हैं। प्रतियोगिता में भारतीय दल का प्रदर्शन उसकी तैयारी, मेहनत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को दर्शाता है।

विशेष रूप से एथलेटिक्स में रिकॉर्ड प्रदर्शन और एक ही स्पर्धा में तीनों पदक जीतने जैसी उपलब्धियां भारतीय पैरा खेलों की गहराई को सामने लाती हैं। अलग-अलग खेलों में पदक जीतने से भारत की चुनौती और मजबूत हुई है।

तीसरे दिन की सफलता ने भारतीय दल का मनोबल बढ़ाया है। अब प्रतियोगिता के आगामी दिनों में खिलाड़ियों से और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। भारत की कोशिश पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने और अधिक से अधिक स्वर्ण पदक हासिल करने की होगी।

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