नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में जारी किए गए ऑयल बॉन्ड की देनदारियों का भुगतान पूरा कर दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक इन बॉन्ड के मूलधन और ब्याज के रूप में कुल 2,36,368.28 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। मंत्रालय के मुताबिक, इसके बाद इन ऑयल बॉन्ड की कोई देनदारी बकाया नहीं रही।
ऑयल बॉन्ड का मुद्दा लंबे समय से देश की आर्थिक नीतियों और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर चर्चा में रहा है। इन बॉन्ड को जारी करने का उद्देश्य उस समय तेल कंपनियों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना था, जब सरकार पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तत्काल बड़ी वृद्धि से बचना चाहती थी।
क्या थे ऑयल बॉन्ड?
