सिरोही जिले के हिल स्टेशन माउंट आबू में स्थित राम कुंड से भगवान राम की पौराणिक स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। अरावली की पहाड़ियों के बीच बने इस प्राकृतिक कुंड और प्राचीन मंदिर तक पहुँचने के लिए पर्यटकों को पथरीले रास्तों से गुजरना पड़ता है।
नक्की झील के पास सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर यह प्राकृतिक राम कुंड स्थित है। माउंट आबू को भगवान राम की शिक्षास्थली माना जाता है, क्योंकि यहाँ कुल गुरु महर्षि वशिष्ठ का आश्रम गौमुख में स्थित था। मान्यता है कि भगवान श्रीराम अपने भाइयों के साथ शिक्षा ग्रहण करने के दौरान इस कुंड में स्नान करने आते थे।
मंदिर का 700 साल पुराना इतिहास और अनोखी प्रतिमा
नक्की झील के तट पर बने सर्वेश्वर रघुनाथ मंदिर का इतिहास 700 वर्ष पुराना है। इस मंदिर की स्थापना 14वीं शताब्दी में जगद्गुरु रामानंदाचार्य द्वारा की गई थी और इसे रामानंद संप्रदाय की तपसी शाखा का उद्गम स्थल माना जाता है।
