भारत में वृद्धजनों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसे देखते हुए उनका स्वस्थ , सुरक्षित और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करना सार्वजनिक नीति की एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता बन गया है। ‘ अटल वयो अभ्युदय योजना ’ इसके लिए एकीकृत ढांचा प्रदान करती है। यह वरिष्ठ नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए संस्थागत देखभाल , स्वास्थ्य सेवा , सहायक उपकरण , कौशल विकास , सक्रिय वृद्धावस्था और तकनीकी हस्तक्षेपों को एक साथ जोड़ती है।
बढ़ती उम्र की अनिवार्यता
भारत एक शांत जनसांख्यिकीय बदलाव से गुजर रहा है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में वरिष्ठ नागरिकों ( 60 वर्ष और उससे अधिक आयु) की कुल जनसंख्या 10.38 करोड़ है। इनमें 5.11 करोड़ पुरुष और 5.27 करोड़ महिलाएं हैं। लांगिट्यूडिनल एजिंग स्टडी इन इंडिया (एलएएसआई) इस बात पर प्रकाश डालती है कि वृद्धजनों का एक बड़ा हिस्सा अपने रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतों का सामना करता है। यह तथ्य एक व्यवस्थित और विश्वसनीय देखभाल प्रणाली की बढ़ती आवश्यकता को रेखांकित करता है। इसके साथ ही बढ़ते शहरीकरण , प्रवासन और एकल परिवारों के कारण वरिष्ठ नागरिकों के लिए पारंपरिक पारिवारिक सहायता ढांचा भी कमजोर हो रहा है।
