जयपुर, 28 अक्टूबर। डिस्ट्रिब्यूशन यूटिलिटी मीट के दूसरे दिन बुधवार को होटल ललित में “Climate Resilience and Securing the Physical Assets of DISCOMs” विषय पर आयोजित सत्र में देश-विदेश के ऊर्जा विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन, चक्रवात, बाढ़ एवं अत्यधिक तापमान से विद्युत वितरण नेटवर्क को सुरक्षित रखने के उपायों पर चर्चा की। सत्र की अध्यक्षता भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के संयुक्त सचिव (वितरण) श्री शशांक मिश्रा ने की तथा संचालन ISGF के सलाहकार एवं Biosirus Inc. के कार्यकारी अध्यक्ष श्री रवि सेठपथी ने किया।
श्री किरण सब्बिनेनी, लीड स्पेशलिस्ट–एनर्जी, CDRI ने जलवायु जोखिमों के आकलन और आपदारोधी विद्युत नेटवर्क में निवेश की आवश्यकता बताई। श्री गजानन काले, सीईओ, TPCODL ने वर्ष 2024 में ओडिशा में आए चक्रवात 'दाना' के दौरान GIS मैपिंग, संसाधनों की त्वरित तैनाती और समन्वित प्रयासों से विद्युत आपूर्ति बहाल करने के अनुभव साझा किए।
श्री अनीश थॉमस, एसोसिएट डायरेक्टर, EATON ने सेंसर, IoT, SCADA और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस की उपयोगिता बताई। दक्षिण कोरिया की Reformtech Company Ltd. के प्रिंसिपल इंजीनियर–आरएंडडी श्री सॉन्ग यंगसब ने CLF फ्यूज तकनीक की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें फॉल्ट के दौरान उत्पन्न आर्क को सीलबंद यूनिट के भीतर नियंत्रित किया जाता है, जिससे आग, शोर और उपकरणों को नुकसान पहुंचने का जोखिम कम हो सकता है।
