- डॉ. होमी भाभा का दृष्टिकोण भारत की शांतिपूर्ण परमाणु यात्रा का मार्गदर्शक है, जब देश ऊर्जा सुरक्षा एवं स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में आगे बढ़ रहा है: डॉ. जितेंद्र सिंह
- “कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करने के लिए व्यक्ति का समझदार होना ज़रूरी है”, डॉ. जितेंद्र सिंह ने विभिन्न क्षेत्रों में एआई के ज़िम्मेदार एवं इंसानों के नेतृत्व वाले उपयोग पर बल दिया
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील क्षेत्रों को गैर-सरकारी कंपनियों के लिए खोल दिया है, जिससे निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए व्यापक अवसर प्राप्त हुए हैं
- भारत का लक्ष्य 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता और 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करना है, परमाणु ऊर्जा भरोसेमंद, स्वच्छ बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा: डॉ. जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत का परमाणु कार्यक्रम युद्ध के लिए नहीं बल्कि शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है। उन्होंने उस दृष्टिकोण की पुनः पुष्टि की जिसने शुरुआत से ही देश की परमाणु यात्रा का मार्गदर्शन किया है।
श्री सिंह ने ' ब्लूमबर्ग इकोनॉमी फोरम 2026 ' के दौरान एक विशेष बातचीत में कहा कि भारत की भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में परमाणु ऊर्जा की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई ) और डेटा सेंटरों के लिए जरूरी भरोसेमंद उर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करना भी शामिल है।
