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सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त, अवैध कट्स एवं ओवरलोड वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई

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दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने तथा यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश

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सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन सख्त, अवैध कट्स एवं ओवरलोड वाहनों पर होगी कड़ी कार्रवाई
— सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, राजस्थान
  • दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय मजबूत करने तथा यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश
  • पुलिस, परिवहन एवं संबंधित विभाग संयुक्त रूप से चलाएं कार्रवाई और जागरूकता अभियान

कोटपूतली-बहरोड़, 23 अक्टूबर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने तथा सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को अवैध कट्स बंद कराने, ओवरलोड वाहनों पर नियंत्रण, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने तथा यातायात नियमों की प्रभावी पालना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग जगदीश प्रसाद यादव ने बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए एजेंडे के अनुसार की गई कार्यवाहियों एवं प्रगति की जानकारी दी।

जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं प्रमुख मार्गों पर स्थित अवैध कट्स को बंद कराने तथा दोबारा कट खोलने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच के लिए विशेष अभियान चलाने, जिले के प्रवेश मार्गों पर निगरानी बढ़ाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उन्होंने शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने के लिए पुलिस, परिवहन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग एवं भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। अवैध पार्किंग एवं सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, ठेले एवं दुकानों को व्यवस्थित करने, पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था विकसित करने तथा प्रमुख मार्गों पर संकेतक बोर्ड, मार्ग संकेतक, परावर्तक एवं समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

जिला कलेक्टर ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिह्नित कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय करने तथा सड़क इंजीनियरिंग से संबंधित कमियों को प्राथमिकता से दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने एम्बुलेंस सेवाओं की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को समय पर प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्कूलों, वाहन चालकों, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा कार्मिकों को सीपीआर तथा प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया।

जिला पुलिस अधीक्षक सतवीर सिंह ने नशे की हालत में वाहन चलाने, तेज गति से वाहन चलाने तथा गलत तरीके से ओवरटेक करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियमित निगरानी रखने तथा सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित आई-रेड पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा।

जिला कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। आमजन एवं वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए नियमित अभियान संचालित किए जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के साथ सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर सोहन सिंह नरुका, सीएमएचओ डॉ आशीष सिंह शेखावत, एसई पीडब्ल्यूडी जगदीश प्रसाद यादव, एसई जेवीवीएनएल राधेश्याम बंसल, डीटीओ सुनील कुमार सैनी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

स्रोत: Times of Rajasthan

स्रोत: Times of Rajasthan

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