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जयपुर में एआई‑आधारित पानी चोरी रोकने का पायलट सफल, सरकार ने पूरे राजस्थान में लागू करने की योजना बनाई

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राजस्थान सरकार ने जयपुर के मालवीय नगर हाइड्रेंट से शुरू हुए एआई‑स्काडा सिस्टम के पायलट को सफल घोषित किया। पायलट में 18 दिनों में 4 गुना से अधिक पानी चोरी पकड़ी गई और मई‑जून में 319 टैंकरों की चोरी रोकी गई।

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जयपुर के मालवीय नगर हाइड्रेंट पर एआई‑आधारित पानी चोरी रोकने का सिस्टम
— Times of Rajasthan

जयपुर के मालवीय नगर हाइड्रेंट से शुरू हुए एआई‑आधारित स्काडा सिस्टम के पायलट को सफल घोषित किया गया। पायलट में 18 दिनों में 4 गुना से अधिक पानी चोरी पकड़ी गई और मई‑जून में 319 टैंकरों की चोरी रोकी गई।

पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2024 में शुरू हुआ और प्रारम्भिक 18 दिनों में स्काडा सिस्टम ने टैंकरों से चार गुना से अधिक पानी भरने की चोरी पकड़ी। दिसंबर 2025 में एआई तकनीक जोड़ी गई और फिर से परीक्षण शुरू किया गया।

पायलट के प्रमुख आँकड़े

दिसंबर 2025 में 301 टैंकरों की चोरी पकड़ी गई। मई‑जून 2025 के 22 दिनों में 319 टैंकरों की चोरी रोकी गई। जयपुर के खो नागोरियन इलाके में एआई‑बेस्ड स्काडा सिस्टम ने 846 टैंकरों की चोरी पकड़ी और जून में 803 टैंकरों की।

सिस्टम का कार्यप्रणाली

सिस्टम में टैंकर के वाल्व को बिना कमांड के नहीं खोला जाता। सॉफ्टवेयर के जरिए टैंकर में केवल उतना ही पानी भरा जाता है, जितना फीड किया गया हो, और उसके बाद वाल्व स्वतः बंद हो जाता है।

टैंकर के आगमन पर कैमरा टैंकर नंबर की एआई से जाँच करता है, ड्राइवर को रिक्वेस्ट भेजी जाती है, और इंजीनियर द्वारा वेरिफ़िकेशन के बाद वाल्व खुलता है।

भरे हुए टैंकर को ड्राइवर उपभोक्ता के घर पहुँचाता है, ओटीपी व वीडियो के माध्यम से ट्रिप को पूरा करता है, और वीडियो व इनवॉइस संबंधित अधिकारियों को भेजे जाते हैं।

राजस्व और पानी की कमी पर असर

जयपुर में 300 टैंकरों पर इस सिस्टम को लागू करने से प्रतिमाह करोड़ों का राजस्व बचाया जा सकता है। पानी की चोरी में आठ से दस गुना तक कमी आने की उम्मीद है।

राजस्थान सरकार का दावा है कि इस सिस्टम को पूरे प्रदेश में लागू करने से प्यासे लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा और राजस्व चोरी पर भी क़ाबू पाया जा सकेगा।

लागू करने में चुनौतियाँ

जलदाय विभाग के कुछ अधिकारियों के अनुसार, पानी चोरी पर अंकुश लगाने से उनके हित प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में रखा गया है।

मंत्री समेत अन्य जिम्मेदार लोगों का कहना है कि पंचायत चुनाव के बाद फेज‑वाइज़ लागू किया जाएगा।

आगे क्या

राजस्थान सरकार ने प्रोजेक्ट वर्क तैयार कर लिया है और आईटी विभाग से सहमति भी ले ली है। अगले वर्ष पानी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है, और सरकार ने पानी की कमी न होने देने का वादा किया है।

स्रोत: Times of Rajasthan

स्रोत: Times of Rajasthan

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