जयपुर के मालवीय नगर हाइड्रेंट से शुरू हुए एआई‑आधारित स्काडा सिस्टम के पायलट को सफल घोषित किया गया। पायलट में 18 दिनों में 4 गुना से अधिक पानी चोरी पकड़ी गई और मई‑जून में 319 टैंकरों की चोरी रोकी गई।
पायलट प्रोजेक्ट दिसंबर 2024 में शुरू हुआ और प्रारम्भिक 18 दिनों में स्काडा सिस्टम ने टैंकरों से चार गुना से अधिक पानी भरने की चोरी पकड़ी। दिसंबर 2025 में एआई तकनीक जोड़ी गई और फिर से परीक्षण शुरू किया गया।
पायलट के प्रमुख आँकड़े
दिसंबर 2025 में 301 टैंकरों की चोरी पकड़ी गई। मई‑जून 2025 के 22 दिनों में 319 टैंकरों की चोरी रोकी गई। जयपुर के खो नागोरियन इलाके में एआई‑बेस्ड स्काडा सिस्टम ने 846 टैंकरों की चोरी पकड़ी और जून में 803 टैंकरों की।
